Thursday, May 19, 2022
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गरीब सिक्योरिटी गार्ड का बेटा बना आईएएस अधिकारी | Motivational Story for Students in Hindi

रियल लाइफ स्टोरी इन हिंदी

गरीब सिक्योरिटी गार्ड का बेटा बना आईएएस अधिकारी: आजकल देश में सभी लोगों को सरकारी नौकरी मिलना बहुत मुश्किल है। हर भारतीय व्यक्ति चाहता है कि उसे जिंदगी में एक बार सरकारी नौकरी मिल जाए। तो उसकी जिंदगी बदल जाएगी।लेकीन जीवन में बिना मेहनत और मशक्कत से सरकारी नौकरी नहीं मिल पाएगी। हर व्यक्ति जानता है कि उसे सरकारी नौकरी प्राप्त करने के लिए कंपटीशन को क्रैक करना होगा।

अगर हम IAS की परीक्षा की बात करें तो उसका लेबल कुछ अलग हटके है। क्योंकि आईएएस एग्जाम हिंदुस्तान का सबसे बड़ा एग्जाम माना जाता है। यहां आपको गरीब परिवार के बच्चों से लेकर अमीर परिवार के बच्चों के सफलता की कहानी सुनने और पढ़ने  को मिल जाती हैं। आज हम ऐसे व्यक्ति के संघर्ष की कहानी बताने जा रहे हैं।

गरीब सिक्योरिटी गार्ड का बेटा बना अधिकारी अधिकारी जानू मैं मैसेज नहीं कर पाता था क्याकुलदीप द्विवेदी के पिता पेशे से एक सिक्योरिटी गार्ड थे।उनका सपना था कि उनका बेटा बड़ा होकर कोई सरकारी जॉब हासिल करें।

आइए हम जानते हैं कि कैसे एक गरीब सिक्योरिटी गार्ड का बेटा आईएएस ऑफिसर बना

कुलदीप जी के पिताजी व्यवसाय से सिक्योरिटी गार्ड थे। ऐसे में उन्हें अपना परिवार चलाना मुश्किल था। कुलदीप के पिताजी अपने बच्चों को पढ़ाना चाहते थे ऐसे में उन्होंने सिक्योरिटी गार्ड से टाइम निकाल कर खेती करना प्रारंभ किया। 

कुलदीप द्विवेदी ने अपनी 10वीं 12वीं की शुरुआत की पढ़ाई अपने गांव से एक सरकारी स्कूल से पूरी की थी। 12वीं की पढ़ाई करने के बाद ग्रेजुएशन की पढ़ाई करने के लिए अपने गांव से इलाहाबाद जाना पड़ा। इलाहाबाद विश्वविद्यालय में ग्रेजुएशन की पढ़ाई पूरी की और बीए की डिग्री ली। इलाहाबाद से ही भूगोल से पोस्ट ग्रेजुएशन किया। पोस्ट ग्रेजुएशन के बाद इन्होंने आईएएस की तैयारी करने की सोची।

इसके लिए उन्हें दिल्ली जाना पड़ा दिल्ली जाकर इन्होंने आईएएस कंपटीशन की तैयारी  करने लगे। पहली बार में यह प्री एग्जाम में बुरी तरह से असफल रहे। दूसरी बार कुलदीप ने फिर से आईएएस की तैयारी कि इस बार उन्होंने प्री एग्जाम पास कर लिया लेकिन मेंस में किसी वजह से असफल हो गए। अब उनका हौसला टूट चुका था।

लेकिन कुलदीप के पिताजी ने कुलदीप का हौसला बढ़ाया और कहा एक बार और पढ़ाई करने को कहा और तीसरी चरण मे अपनी फुल मेहनत से तैयारी की और इस बार इन्होंने UPSC के एग्जाम में सफलता प्राप्त कर ली। और इस तरह उन्होंने अपने मां-बाप का सर फख्र से ऊंचा कर दिया।

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